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Monday, August 21, 2017

सुरेन्द्र मोहन पाठक

सुरेन्द्र मोहन पाठक को हिंदी का सर्वश्रेष्ठ मिस्ट्री राइटर माना जाता है।
सुरेन्द्र मोहन पाठक की प्रथम कहानी सन् 1959 'सतावन साल पुराना आदमी' मनोहर कहानियाँ में प्रकाशित हुयी। उसके बाद  विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कहानियाँ प्रकाशित हुयी।
1963 में इनका प्रथम उपन्यास 'पुराने गुनाह, नये गुनहगार' प्रकाशित हुआ। उसके पश्चात इनके एक से एक बढकर उपन्यास आये।
संपर्क-
smpmystrywriter@gmail.com
सुरेन्द्र मोहन पाठक के उपन्यास
1.पुराने गुनाह नये गुनाहगार- अक्टूबर - 1963
2.समुद्र में खून (धरती का स्वर्ग)- मई - 1964
3. होटल में खून -  नवम्बर - 1965
4. बदसूरत चेहरे- दिसम्बर - 1965
5. ब्लेकमेलर की हत्या (एक तीर दो शिकार)फरवरी - 1966
6. हांगकांग में हंगामा (देश द्रोही)- मार्च - 1966
7. मूर्ति की चोरी- मार्च - 1966
8. शैतान की मौत (बेनकाब चेहरा)- मई - 1966
9. रिपोर्टर की हत्या- जून - 1966
10. आस्तीन के साँप- अगस्त - 1966
11. हत्यारे (रहस्य के धागे)- सितम्बर - 1966
12. रेड सर्कल सोसाइटी- नवम्बर - 1966
13. ये आदमी खतरनाक है .(खतरनाक अपराधी, कार्ल प्ल्यूमर की वापसी)- जनवरी-1967
14. खतरनाक ब्लेकमेलर-जुलाई - 1967
15. हांगकांग के लूटेरे-सितम्बर - 1967
16. हत्या की रात- नवम्बर - 1967
17. बंदर की करामात- दिसम्बर - 1967
18. काला मोती- जनवरी-1968
19. डबल रोल- फरवरी - 1968
20. सफल अपराधी- मार्च - 1968
21. झूठी औरत - मई - 1968
22. मुर्दा जी उठा- जुलाई - 1968
23. शाही मेहमान- अगस्त - 1968
24. फ्लेट मे लाश- फरवरी - 1969
25. फरार अपराधी- अप्रैल - 1969
26. ऑपरेशन डबल एजेंट- जुलाई - 1969
27. डरपोक अपराधी- सितम्बर - 1969
28. लन्दन मे हंगामा- अक्टूबर - 1969
29. दोहरी चाल- नवम्बर - 1969
30. विक्षिप्त हत्यारा- जनवरी-1970
31. योरोप मे हंगामा- जनवरी-1970
32. विनाश के बादल- फरवरी - 1970
33. ऑपरेशन पीकिंग- मई - 1970
34. बारूद और चिंगारी- जून - 1970
35. खूनी नेकलेस- अगस्त - 1970
36. पाकिस्तान की हसीना (ऑपरेशन पाकिस्तान)सितम्बर - 1970
37. ऑपरेशन जनरल K- नवम्बर - 1970
38. आखिरी शिकार- मार्च - 1971
39. कॉल गर्ल की हत्या- जुलाई - 1971
40. खून ही खून- सितम्बर - 1971
41. अमन के दुश्मन- दिसम्बर - 1971
42. हाइजेक (लहू पुकारेगा आस्तीन का)- जनवरी-1972
43. दूसरी हत्या- अप्रैल - 1972
44. एक खून और- जुलाई - 1972
45. बसरा मे हंगामा- जनवरी-1973
46. एक्सीडेंट- अप्रैल - 1973
47. सिन्हा मर्डर केस- मई - 1973
48. नीली फिल्में- जुलाई - 1973
49. ऑपरेशन ढाका- अगस्त - 1973
50. ब्लेकमेल- अक्टूबर - 1973
51. खिलाडी की हत्या- नवम्बर - 1973
52. रहस्य का अंधेरा- दिसम्बर - 1974
53. मौत की छाया- फरवरी - 1975
54. ट्रिपल क्रॉस- अप्रैल - 1975
55. डबल मिशन- जुलाई - 1975
56. स्पाइ चक्र- सितम्बर - 1975
57. चोर सिपाहीन- वम्बर - 1975
58. सिंगल शाॅट - दिसम्बर - 1975
59. ऑपरेशन सिंगापुर- मार्च - 1976
60. काली हवेली- मई - 1976
61. पिशाच का प्रतिशोध- जुलाई - 1976
62. खून का खेल- नवम्बर - 1976
63. नया दिन नयी लाश- फरवरी - 1977
64. शूटिंग स्क्रिप्ट- मई - 1977
65. तस्वीर की शहादत- मई - 1977
66. सेक्स स्केंडल- सितम्बर - 1977
67. जान का खतरा- दिसम्बर - 1977
68. लाश का कत्ल- मार्च - 1978
69. डबल मर्डर- अप्रैल - 1978
70. जासूस की हत्या- जून - 1978
71. स्टार नाइट क्लब- जुलाई - 1978
72. गर्म लाश- नवम्बर - 1978
73. बंद दरवाज़ा- जनवरी-1979
74. अंधेरे की चीखमार्च - 1979
75. मौत की आहट- मार्च - 1979
76. मीना मर्डर केस- जुलाई - 1979
77. अनोखी चाल- सितम्बर - 1979
78. नौ जुलाई की रात- जनवरी-1980
79. खाली कारतूस- फरवरी - 1980
80. ऑफिस मे लाश- मई - 1980
81. विषकन्या- सितम्बर - 1980
82. पार्क मे लाश- जनवरी-1981
83. झूठी गवाही- मार्च - 1981
84. ब्लो अप- अप्रैल - 1981
85. संगीन जुर्म- अप्रैल - 1982
86. टॉप सीक्रेट- मई - 1982
87. जादूगरनी- अप्रैल - 1983
88. खून से रंगा चाकू- मई - 1983
89. अंधेरी रात- जुलाई - 1983
90. मैं बेगुनाह हूँ- नवम्बर - 1984
91. नकली वारिस- जनवरी-1985
92. पीला गुलाब- सितम्बर - 1985
93. ताज़ा खबर- फरवरी - 1986
94. काला कारनामा- मार्च - 1987
95. लाश गायब- अक्टूबर - 1987
96. फ्रंट पेज- दिसम्बर - 1988
97. दिवाली की रात- मई - 1989
98. कानून का चेलेंज- अगस्त - 1990
99. प्राइम सस्पेक्ट- मार्च - 1991
100. गोली और जहरनवम्बर - 1993
101. पापी परिवारअगस्त - 1994
102. स्टॉप प्रेस- अप्रैल - 1995
103. झेरी हत्याकांड- अक्टूबर - 1995
104. अहिरवाल केस- सितम्बर - 1997
105. कमरा न. 303- मई - 1998
106. गुनाह की जंजीर- नवम्बर - 1998
107. घर का भेदी  - जनवरी- 1999
108. ब्लेक लिस्ट- जून - 2000
109. धमकी  अप्रैल - 2001
110. झांसा- मई - 2002
111. निशानी- सितम्बर - 2003
112. स्केंडल पॉइंट- अक्टूबर - 2004
113. फिंगर प्रिंट  - नवम्बर - 2004
114. भक्षक- अक्टूबर - 2006
115. पूरे चाँद की रात- जनवरी- 2007
116. बिचौलिया- दिसम्बर - 2007
117. जाल- अक्टूबर - 2008
118. नकाब- अगस्त - 2009
119. धब्बाजून - 2010
120. डबल गेम- अगस्त - 2012
121- सिंगला मर्डर केस- अप्रैल -2014
विमल सीरीज के उपन्यास
1. मौत का खेल- जनवरी - 1971
2. दौलत और खून-मार्च - 1971
3. इश्तिहारी मुजरिम- दिसम्बर - 1976
4. पैंसठ लाख की डकैती- मई - 1977
5. आज क़त्ल होकर रहेगा- अक्टूबर - 1977
6. बैंक वैन रॉबरी- अप्रैल - 1978
7. मौत का फरमान- नवम्बर - 1978
8. दिन दहाड़े डकैती- जून - 1980
9. असफल अभियान- सितम्बर - 1981
10. खाली वार- दिसम्बर - 1981
11. हार-जीत- दिसम्बर - 1982
12. विमल का इंसाफ- जनवरी - 1984
13. मौत का नाच- मार्च - 1984
14. खून के आंसू- मई - 1984
15. जीना यहाँ- अगस्त - 1986
16. मरना यहाँ- अक्टूबर - 1986
17. चेहरे पे चेहरा-नवम्बर - 1987
18. किस्मत का खेल- दिसम्बर - 1987
19. पाप की नगरी- मई -1990
20. लेख की रेखा- जुलाई - 1990
21. जहाज का पंछी-अप्रैल - 1992
22. खबरदार शहरी- जुलाई - 1992
23. मौत का रस्ता- अक्टूबर - 1992
24. डार से बिछुड़ा- नवम्बर - 1944
25. मौत के मुहं में - जनवरी - 1995
26. अल्टीमेटम-अगस्त - 1996
27. सौ करोड की गुल्लक- अक्टूबर - 1996
28. छह सिर वाला रावण- दिसम्बर - 1996
29. हज़ार हाथ- अक्टूबर - 1998
30. दमन चक्र- जुलाई - 1999
31. छह करोड का मुर्दा- सितम्बर - 1999
32. जौहर ज्वाला- दिसम्बर - 1999
33. चंडाल चौकड़ी- अक्टूबर -2001
34. शेर सवारी- नवम्बर - 2001
35. आग का दरिया-फरवरी - 2002
36. जमीर का कैदी- दिसम्बर - 2005
37. कर्मयोद्धा-मार्च - 2006
38. पलटवार- जून - 2006
39. चेम्बूर का दाता- जनवरी - 2011
40. लाल निशान- मई - 2011
41. सदा नगारा कूच का- अगस्त - 2011
42. जो लरै दीन के हेत-अगस्त - 2014
अनुवादित कार्य (अंग्रेजी)
1. द 65 लाख हिस्ट
2. डेलाइट रॉबरी
सुधीर सीरीज के उपन्यास
1. आखिरी कोशिश- मार्च - 1980
2. मलिका का ताज- जून - 1980
3. गोली की आवाज़ - नवम्बर - 1980
4. निम्फोमनियक-  मार्च - 1982
5. सफ़ेद खून- मार्च - 1985
6. लेट न्यूज़-  जनवरी - 1987
7. खुनी घटना-  मार्च - 1988
8. आखिरी मकसद- दिसम्बर - 1990
9. क़त्ल का सुराग-  दिसम्बर - 1993
10)पांचवां निशान-  मार्च - 1994
11)घातक गोली-  मार्च - 1997
12)गड़े मुर्दे-  दिसम्बर - 1997
13)वन वे स्ट्रीट- सितम्बर - 1998
14)खतरे की घंटी-  मार्च - 2000
15)गोल्डन गर्ल-  नवम्बर - 2002
16)बाज़ी-   मार्च -2003
17)ओवरडोज़-   जून - 2005
18)घात-   सितम्बर - 2005
19)प्यादा-   जून - 2009
20)चोरों की बारात-  फरवरी - 2012
21)बहुरुपिया- अक्टूबर - 2013
22. इंसाफ दो- 2017
अनुवादित कार्य (अंग्रेजी)
1. द लास्ट गोल- जनवरी - 2011
थ्रिलर सीरीज के उपन्यास
1)चार अपराधीअप्रैल - 1968
2)कार में लाशअक्टूबर - 1974
3)क़त्ल की वारदातमई - 1976
4)वर्ल्ड फेमस मिस्ट्री स्टोरीजमार्च - 1977
5)गैंगवारदिसम्बर - 1977
6)आगे भी मौत पीछे भी मौतनवम्बर - 1978
7)आई विटनेसजून - 1979
8)अनोखी रातअगस्त - 1980
9)दफा 302अक्टूबर - 1980
10)खुनी हवेलीजनवरी - 1981
11)मेरी जान के दुश्मनमार्च - 1981
12)इंतकामअक्टूबर - 1981
13)लम्बे हाथनवम्बर - 1982
14)विश्वास की हत्याफरवरी - 1983
15)खाली मकानसितम्बर - 1983
16)बीवी का हत्याराअगस्त - 1984
17)वो कौन थीमई - 1985
18)एक करोड़ का जूताजून - 1985
19)डायल 100जुलाई - 1985
20)तीन दिनजनवरी - 1986
21)मौत का आतंकअप्रैल - 1986
22)दस मिनटदिसम्बर - 1986
23)कागज की नावजून - 1987
24)जीने की सजाजुलाई - 1988
25)बीस लाख का बकराअगस्त - 1988
26)तीसरा कौनजनवरी - 1989
27)पांच पापीमई - 1989
28)गुनाह का क़र्ज़मई - 1991
29)शक की सुईअक्टूबर - 1991
30)एक ही अंजामअप्रैल - 1992
31)तड़ी पारअप्रैल - 1993
32)आज़ाद पंछीअगस्त - 1993
33)मवालीजून - 1995
34)मौत आई दबे पाँवजून - 1997
35)फिफ्टी-फिफ्टीमई - 1998
36)साज़िशजनवरी - 2000
37)दहशतगर्दीदिसम्बर - 2000
38)कांपता शहरजनवरी - 2002
39)एक ही रास्ताअप्रैल - 2003
40)दो गज कफ़नजनवरी - 2005
41)मकड़जालमई - 2007
42)ग्रैंडमास्टरअगस्त - 2007
43)गवाहीमार्च - 2010
44)सीक्रेट एजेंटनवम्बर - 2012
जीतसिंह सीरीज के उपन्यास
1. दस लाख- अप्रैल - 1996
2. 30 लाख- जून - 1998
3. पचास लाख- सितम्बर - 2000
4. खोटा सिक्का- फरवरी - 2004
5. जुर्रत- मई - 2004
6. मिडनाइट क्लब- अगस्त - 2008
7. कोलाबा कांस्पीरेसी-फरवरी - 2014
8. हीरा फेरी-  अगस्त- 2017
मुकेश माथुर सीरीज के उपन्यास
1. सात साल बाद- दिसम्बर - 1994
2. वारिस- अगस्त - 2002
3. वहशी- फरवरी - 2007
विवेक अगासे सीरिज के उपन्यास
1. क्राइम क्लब- जनवरी - 1991
2. कोई गवाह नहीं- मार्च - 1999
3. गन्दा खून-नवम्बर - 2003
4. धोखा- जनवरी - 2009
5. तीसरा वार- दिसम्बर - 2009
विकास गुप्ता सीरीज के उपन्यास
1. धोखा-धड़ी- नवम्बर - 1981
2. बारह सवाल- दिसम्बर - 1989
3. आठ दिन- अप्रैल - 2008
प्रमोद सीरीज के उपन्यास
1. मौत का सफ़र- अक्टूबर - 1966
2. आधी रात के बाद- अगस्त - 1967
3. जान की बाज़ी- अक्टूबर - 1970
4. एक रात एक लाश- जुलाई - 1976
सामाजिक सीरीज के उपन्यास
1. आशा- अक्टूबर - 1968
2. एक मामूली लड़की- मार्च - 1974
बालकथा सीरीज के उपन्यास
1. कुबड़ी बुढिया की हवेली- जुलाई - 1971
2. बेताल और शहजादी- जून - 1972
जोक बुक्स
1. फ़िल्मी पटाके - अक्टूबर - 1968
2. दीवानी दुनिया- दिसम्बर - 1972
3. सतरंगी दुनिया- जनवरी - 1977
4. गो इजी ऑन लाफ- फरवरी -1978
5. रंगीली दुनिया- सितम्बर - 1979
6)अलबेली दुनिया- नवम्बर - 1997
7. सजीली दुनिया-मार्च - 1999
8. छबीली दुनिया- जनवरी - 2000
9. अठरंगी दुनिया- नवम्बर - 2000
10. कार्टून कार्निवाल- अगस्त - 2001
11)नवरंगी दुनिया- अक्टूबर - 2002
12. चमकीली दुनिया- फरवरी - 2003
13. जूसी जोक बुक- फरवरी - 2003
14. फ़िल्मी दुनिया- अप्रैल - 2004
15. हठीली दुनिया- जून - 2005
16. फन-फन-फंडा-1अगस्त - 2005
17. फन-फन-फंडा-2अगस्त - 2005
18. सबरंगी दुनिया- अक्टूबर - 2005
19. मनचली दुनिया- अप्रैल - 2007
20. फन-फन-फंडा-3मार्च - 2008
21. फन-फन-फंडा-4मार्च - 2008
22. भड़कीली दुनिया- अक्टूबर - 2009
23. लाफ फैक्ट्री - 1नवम्बर - 2010
24. लाफ फैक्ट्री - 2नवम्बर - 2010
25. लाफ फैक्ट्री - 3नवम्बर - 2010
26. लाफ फैक्ट्री - 4नवम्बर - 2010

Monday, August 14, 2017

नरेन्द्र नागपाल

नरेन्द्र नागपाल के उपन्यास इनके ब्लाग से प्राप्त हुये हैं।

नरेन्द्र नागपाल के उपन्यास
1. काली
2. नैना
3. चीलबाज
5. टाटा बाय टाटा
6. किडनी

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Sunday, August 13, 2017

विमल चटर्जी

अपने समय के प्रसिद्ध उपन्यासकार विमल चटर्जी के विषय में अभी तक कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। पर कुछ पुराने पाठक इनका नाम आज भी सम्मान से लेते हैं।

विमल चटर्जी के उपन्यास
1. दुश्मनों के दुश्मन
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- 9509583944
Email- sahityadesh@gmail.com

लता तेजेश्वर

समीक्षा : हवेली

प्रेम के विदरूप सच को उजागर करती :हवेली

'हवेली' लता तेजेश्वर का पहला उपन्यास है। छब्बीस अनुच्छेदों से विभक्त उपन्यास का तानाबाना एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द बुना गया है जहां घटित होनेवाली अनेक घटनाओं के कारण रहस्य व रोमांच की स्थिति उत्पन्न होती है। 
उपन्यास का आरंभ अजनीश के माध्यम से होता है जो अपने इमार पिता, माँ और कॉलेज में पढ़ रहे छोटे भाई को गाँव में छोड़ कर जीवनयापन के लिए अपना रुख मुम्बई की ओर करता है। यहाँ आते ही वह ठगी का शिकार होता है लेकिन एक अजनबी उसकी मदद कर इंसानियत का परिचय देता है। ऑफिस में नौकरी पाने के बाद समुद्र तट पर एक बार फिर उसकी मुलाकात उस अजनबी से होती है जो मेयर चंद्र शेखर होते हैं। उनके परिवार में पत्नी अवनि के अलावा बेटी अन्वेशा व बेटा राहुल है। कॉलेज में पढ़ने वाली अन्वेशा को यदा कदा डरावने सपने आते रहते हैं। अन्वेशा व राहुल में आपसी बाल सुलभ नोंक झोंक चलती है। अन्वेशा को अपने कुत्ते पलटु से गहरा लगाव है। पानी में तैरने के बाद अन्वेशा की तबियत बिगड़ती है तब उनके चिकित्सक डॉ रमेश शर्मा उसके लिए किसी मनोचिकित्सक से सलाह लेने की सोचते हैं। दूसरे ओर पेशे से अध्यापिका मेहंदी मुम्बई के भीड़ भाड़ वाले इलाके में अपनी माँ गौतमी और छोटी बहिन स्वागता के साथ दो बैडरूम वाले फ्लैट में रहती है। गौतमी पहले नर्स के रूप में काम करती थी लेकिन बाद में ह्रदय रोग से पीड़ित होने पर उसे नौकरी छोड़ कर घर बैठना पड़ता है। गौतमी का पति उसे छोड़ कर चला जाता है इसलिए उसका विश्वास घात मेहंदी हर पुरुष में देखती है। स्वागता अन्वेशा के साथ ही कॉलेज में पढ़ती है। 
कॉलेज के पिकनिक के जाते समय किसी कारण कुछ बच्चे बस से उतर जाते है और जंगल में खो जाते हैं। अन्वेशा के खो की खबर पा कर चंद्र शेखर अजनीश को भेजते हैं तो स्वागत की खोज में मेहंदी चल पड़ती है। रास्ते में नोंक झोंक के बीच दोनों की मुलाकात होती है फिर वह हवेली पहुँच वहीँ रहने लगते हैं। 
हवेली में रहते हुए एक रात अन्वेशा रहस्यमय ढंग से उसके तहखाने में बेहोश मिलती है फिर ऐसे ही घटना मेहंदी के साथ भी घटित होती है। यहीं अजनीश व मेहंदी की निकटता भी बढ़ने लगती है। वहीँ अंकिता हवेली में ही आत्महत्या की प्रयास करते मेहंदी उसे बचाती है।  दोनों तरह की स्थितियों को लता ने सामने रखा है। 
मेहंदी व अजनीश के प्रेम प्रसंग के साथ ही मेयर चंद्र शेखर, उनकी पत्नी अवनि, अन्वेशा, राहुल, मेहंदी की माँ गौतमी, स्वागत के सहपाठी निखिल, सुहाना नीरज, संजय, नीलिमा, अभिषेक, जुई, प्रो.सुनील, अमृता, फातिमा, वृद्धा जैसे पात्रों के सहारे उपन्यास की कथा आगे बढ़ती है। वाचमैन, रघुकाका, पूर्णिमा, डॉ रमेश , महेश के माध्यम से उपन्यास अपने चरम तक पहुँचता है। उपन्यास में जुई एक शरारती छात्र के रूप में सामने आती है। 
उपन्यास की भाषा सरल है। और शैली में रोचकता ऐसी कि एक बार पढ़ना शुरू करते हैं तो कौतूहलवश पढ़ते ही जाते हैं। उपन्यास का आवरण अच्छा है लेकिन मुद्रण का कुछेक कमियाँ जरूर खटकती है। उपन्यास की भूमिका में प्रशिद्ध कथाकार संतोष श्रीवास्तव ने इसे विभिन्न घटनाओं से गुजरती हवेली का सच कहा है। मेरी नज़र में यही सच उसे रोचक व पठनीय बनाता है।
प्रकृति व व्यक्ति का चित्रण अनेक स्थान पर लता ने बड़े ही प्रभावी ढ़ंग से किया है -
" पत्थरों को काटते हुए नदी सरगम गया रही थी, दूर पहाड़ से गिरते हुए जल प्रपात सूर्य की झिलमिलाती हुई रंगीन किरणे उस जल प्रपात में घुल कर और भी सोभियमान दिख रही थी। सूर्य कि रश्मि जल की तरंगों में प्रतिविम्बित हो कर दूर हवेली में अपनी सुंदरता को निहार रही थी। (पृष्ठ-72)
प्रकृति से मनुष्य के सम्बन्ध व उसके प्रति गहरे अनुराग को लता भी गहनता से महसूसती है।
" प्रदूषण भरी हवा, गाड़ियों का शोर शराबा, एक दूसरे से आगे बढ़ जाने की अधीरता हमें इस सुंदर प्रकृति से दूर ले जाती है।"(पृष्ठ-74)
भले ही लता तेजेश्वर ने 'हवेली' को पूरी तरह काल्पनिक उपन्यास बनाया है और पात्रों का सच्चाई के साथ वे कोई सम्बन्ध नहीं बताती लेकिन सही मायने में देखें तो रहस्य व रोमांच के बहाने 'हवेली' प्रेम के चरम व उत्कर्ष, उसकी सफलता-विफलता विदृप सच को हमारे सामने लाने का सार्थक प्रयास है।
समीक्षक : महावीर रवांलटा
संभावना - महरगाँव
पत्रलय:मोल्टाड़ी, पुरोला
उत्तरकाशी (उत्तराखंड)

कनरल सुरेश

एक समय था जब कर्नल नाम से कई लेखक उपन्यास क्षेत्र में आये।
इसी समय एक नया नाम आया वह कर्नल न होकर कनरल था, जी हां कनरल सुरेश।
हालांकि इस लेखक के विषय में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो पायी।
ये राम, रहीम, लव, कुश, काला बादशाह और होगहू सीरिज से उपन्यास लिखते थे।

कनरल सुरेश के उपन्यास
1. धुंध की हत्या

परिवर्तन चौहान

नकल के बाजार में केशव पण्डित नाम से जो लहर चली उसमें कई प्रकाशन संस्थानों ने लाभ कमाया और अपने अपने छदम लेखक पैदा कर लिये।
परिवर्तन, परिवर्तन पण्डित और परिवर्तन चौहान। अगर और कोई परिवर्तन नाम से लेखक मिल जाये तो आश्चर्य नहीं।

परिवर्तन चौहान के उपन्यास
1. फंस गया परिवर्तन पाकिस्तान में।

गौरी पण्डित

हिंदी लोकप्रिय उपन्यास जगत में केशव पण्डित की लोकप्रियता को जितना भुनाया गया है उतना तो शायद विश्व इतिहास में भी किसी को न भुनाया गया होगा।
    वेदप्रकाश शर्मा के एक पात्र केशव पण्डित की नकल पर असंख्य केशव पण्डित नाम के लेखक पैदा हो गये और फिर तो नकल की नकल और फिर आगे भी नकल और नकल के साथ पैदा हुये पात्रों की भी नकल।
हद से आगे की Ghost Writing  करवायी इन प्रकाशन संस्थानों ने। अपने लाभ के लिए उपन्यास के बाजार को ही खत्म कर दिया।
   ऐसी ही एक Ghost writer है गौरी पण्डित। पता नहीं ये किस प्रकाशन संस्था की देन थी, पर थी शुद्ध छदम लेखिका। ये भी केशव पण्डित सीरिज लिखती थी।

गौरी पण्डित के उपन्यास
1. सब साले चोर हैं।

मोना डार्लिंग

हिंदी लोकप्रिय उपन्यास जगत में Ghost Writing खूब हुयी। और एक बङी बात ये भी है की महिला उपन्यासकार के नाम से भी खूब उपन्यास आये और अधिकतर में Ghost Writing हुयी थी।
इसी प्रकार की एक छदम लेखिका थी मोना डार्लिंग।
मोना डार्लिंग नाम से बाजार में खूब उपन्यास आये थे और ये पाठक की पठन क्षमता और रुपये का दोहन भी था‌।

मोना डार्लिंग के उपन्यास
1. अंगूर का दाना

राकेश अग्रवाल

राकेश अग्रवाल के विषय में अभी तक  कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो पायी।
इनकी उपन्यास का एक कवर चित्र मिला है, जिसके आधार पर कहा जा सकता है की ये विक्रांत, विवेक सीरिज के उपन्यास लिखते थे।

राकेश अग्रवाल के उपन्यास
1. मृत्यु चक्र

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उक्त लेखक के विषय में  कोई भी जानकारी हो तो हमें भेजिए- 9509583944

Saturday, August 12, 2017

गोपाल शर्मा

उपन्यासकार गोपल शर्मा के बारे में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है।

गोपाल शर्मा के उपन्यास
1. कानून कोई खिलौना नहीं ।
2. वर्दी का नशा
3. वसीयत के हत्यारे
4. आसमान से आया फरिश्ता

5. पत्थर का आदमी

6. महाराजा

7. कलयुग की दुर्गा

8. दुल्हन का कफन

9. इंसानियत का हत्यारा

10. लालच

11.  बहू का इंसाफ

12. कानून का देवता

13.विश्वासघात

14. सुहागिन बनी नागिन

15. लाल कोठी की दुल्हन

16. हत्या इंसाफ की

17. हर खेल है दौलत का

18. कानून सबूत मांगता है।

19. नकली चेहरा

20. आत्मा का प्रतिशोध

21. खूनी महल

22. इंतकाम के शोले

23. कलयुग का अर्जुन

24. इंसाफ की देवी

25. सुहागिन का कर्ज

26. कानून के खिलाड़ी

27. शैतान का बेटा

28. सात दिन का पति

29.

30.

- गोपाल शर्मा के उपन्यास पवन पॉकेट बुक्स, 4537, दाईवाङा, नई सङक, दिल्ली-06 से प्रकाशित होते थे।

 लेखक के विषय में अगर आपके पास कोई जानकारी हो तो अवश्य शेयर करें।

9509583944
Email- sahityadesh@gmail.com

Thursday, August 3, 2017

संतोष पाठक

मनोहर कहानियां, सस्पेंश कहानियाँ जैसी पत्रिकाओं के संपादक रहे संतोष पाठक ने उपन्यास क्षेत्र में भी हाथ आजमाया था।
इनके उपन्यास जासूसी, सस्पेंश व रोमांच से भरपूर हैं।

संतोष पाठक के उपन्यास
1. अनदेखा खतरा
2. आखिरी शिकार

संपर्क
Email- skpathaknovel@gmail.com

Mob No.- 8800501416

गजल- सरला रानू

गजल- सरला रानू

मुझे जिंदगी का सबब यह मिला है,
न उन्हें कुछ गिला था न हमें कुछ गिला है।
हम रास्ते के कांटें वो गुंचे बहारों के,
सोचती हूँ शायद यही प्यार का सिला है।

दिल जिनके लिए भंवर में फंसा है,
क्या उनका दिल मेरे लिए धङकता नहीं।
वह मुझको गैर समझें या भूल भी जाएं,
मैं कैसे कहूं, दिल उनके लिए तङफता नहीं।।

             - सरला रानू
C-56, 3 floor
वेस्ट नगर नगर
नई दिल्ली-08

सरला रानू

प्रसिद्ध सामाजिक उपन्यासकार रानू की धर्मपत्नी सरला रानू ने भी  उपन्यास लेखन किया था।

सरला रानू के उपन्यास
1. चिता नहीं जलेगी
2. पाप की निशानी
3. बाप-बेटा
4. बहू नहीं, दौलत चाहिए
5. डूबते साये
6. सिंदूर से बङा
7. बेरहम
8. थके कदम
9. प्यासे सपने
10. उधार की सांसे
11. बेवफा बीवी
12. काजल और कफन
13. साजन का प्रतिशोध
14. आकाश गंगा
15. वक्त का फैसला
16. गुनाहों के साये
17. पराया दर्द
18. पैगाम
19. धर्म बहन
20.

अशोक कुमार शर्मा

अशोक कुमार शर्मा

1. छतीस करोङ का हार
2. मैं बेटा बंदूक का
3. फांसी मांगे बेटा बंदूक का
4. कानून वाला
5.

संपर्क-
अशोक कुमार शर्मा पुत्र श्री मदन लाल शर्मा
मु.पो.- रूपगढ
वाया- कौछोर
जिला- सीकर 
राजस्थान- 332406
राधा पॉकेट बुक्स- मेरठ